दि.६ (ग्रामीण उदय न्यूज नेटवर्क):-
प्रिय पाठकों,
नववर्ष की शुरुआत जहां नए संकल्प लेने का अवसर होता है, वहीं उसका आखिरी महीना, यानी दिसंबर, उसकी समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण होता है। संकल्प अगर सिद्धि में बदलता है तो मन में एक नई ऊर्जा का संचार होता है जो अगले वर्ष की ओर अधिक उत्साह से आगे बढ़ने की ऊर्जा प्रदान करता है। वर्ष 2025 की शुरुआत विश्व के सबसे विशाल आध्यात्मिक समागम महाकुम्भ के साथ हुई थी तो समापन की ओर बढ़ता यह वर्ष अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की पूर्णता के शंखनाद का साक्षी बना है। यह ऐसा वर्ष बना है जो भारत की गौरवमयी सांस्कृतिक विरासत के लिए सदियों तक याद किया जाएगा। राष्ट्रीय एकता हो या फिर नागरिक कर्तव्य बोध, सांस्कृतिक विरासत एक कड़ी का काम करती है जो देश को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को भी भारत से जोड़ती है। इसी सोच के साथ सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करता भारत देश अपने अद्भुत गौरवशाली इतिहास के साथ वर्तमान में नए आयाम जोड़ रहा है।
न्यू इंडिया समाचार (16-31 दिसंबर, 2025) की कवर स्टोरी का विषय ‘राम से राष्ट्र -भारत के उत्कर्ष का शंखनाद’ है जो देश के सांस्कृतिक विरासत पर गर्व को दर्शाता है।
इसके अलावा व्यक्तित्व की कड़ी में धारावाहिक के माध्यम से रामायण की कहानी घर-घर तक पहुंचाने वाले रामानंद सागर पर विशेष आलेख और परमाणु ऊर्जा पर विशेष सामग्री को भी इस अंक में शामिल किया गया है। मुझे आशा है कि आपको यह अंक पसंद आएगा।
हिन्दी और अंग्रेज़ी के अतिरिक्त 11 भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध है। अपनी पसंदीदा भाषा के लिंक पर क्लिक कर के इस अंक को आप आसानी से पढ़ सकते हैं।
शुभकामनाएं और आभार
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