सातो हितोमी ने राज्यपाल से की शिष्टाचार भेंट; विश्वविद्यालय और सांस्कृतिक स्तर पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
मुंबई, ५ मई : इलाहाबाद से हिंदी भाषा का अध्ययन करने वाली और धाराप्रवाह हिंदी बोलने वाली जापान की नवनियुक्त वाणिज्यदूत सातो हितोमी ने को राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से मुंबई स्थित लोक भवन में शिष्टाचार भेंट की।
हितोमी ने भारत में दो वर्षों तक शिक्षा प्राप्त की है और नई दिल्ली स्थित जापान के दूतावास में कुल साढ़े नौ वर्षों तक कार्य किया है। उन्होंने बताया कि हिंदी के बाद वह जल्द ही मराठी भाषा भी सीखेंगी।
उन्होंने कहा कि दोनों भाषाओं की लिपि देवनागरी होने के कारण मराठी सीखना उनके लिए आसान होगा। इस अवसर पर उन्होंने जानकारी दी कि ओसाका विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अकिरा ताकाहाशी ने लगभग 1500 पृष्ठों का मराठी-जापानी शब्दकोश तैयार किया है।
अगले वर्ष भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र और जापान के बीच मेट्रो रेल, बुलेट ट्रेन, एक्सप्रेसवे जैसे बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में सहयोग पहले से जारी है और इसे शिक्षा, खेल, संस्कृति तथा अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जापान के वाकायामा प्रांत और महाराष्ट्र के बीच पहले से सहयोग चल रहा है तथा आगामी नवंबर में मुंबई में एक शैक्षणिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कौशल विकास के क्षेत्र में भी जापान महाराष्ट्र की सहायता कर रहा है और टोयोटा यहां के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के साथ काम कर रही है।
भारत से जापान जाने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि पर भी हितोमी ने प्रसन्नता व्यक्त की। नवनियुक्त जापानी वाणिज्यदूत का राज्य में स्वागत करते हुए राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय स्तर पर शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में पहले से जापानी भाषा विभाग कार्यरत है और हाल ही में नागपुर के विश्वविद्यालय में भी जापानी भाषा विभाग शुरू किया गया है।
राज्यपाल ने भारत-जापान संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के सहयोग से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने सुझाव दिया कि जापानी साहित्य, लघुकथाओं और कविताओं का मराठी में तथा मराठी साहित्य का जापानी में अनुवाद बढ़ावा दिया जाए। उत्कृष्ट अनुवाद कार्य करने वाले अनुवादकों को राज्य की जापानी कंपनियों के सहयोग से स्वर्ण पदक देने की योजना भी शुरू की जा सकती है।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि यदि जापानी वाणिज्य दूतावास में मराठी भाषा की कक्षाएं शुरू की जाएं तो राज्य के विश्वविद्यालयों की ओर से शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने उल्लेख किया कि पैनासॉनिक, हिताची और डाइकिन जैसे कई जापानी उपभोक्ता ब्रांड लंबे समय से भारत में होने के कारण लोगों को भारतीय ब्रांड जैसे लगते हैं।
मुंबई में पिछले तीन वर्षों से कार्यरत जापान के वाणिज्यदूत यागी कोजी का स्थानांतरण होने के बाद सातो हितोमी की नियुक्ति की गई है। बैठक में जापान की मुंबई स्थित काउंसल शिमादा मेगुमी, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे और सह सचिव एस. राममूर्ति भी उपस्थित थे।
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